अध्याय 2 Sujok शब्द का अर्थ और संरचना
Sujok शब्द का अर्थ और संरचना
Sujok एक कोरियन शब्द है जो दो भागों से मिलकर बना है:
Su (सू) = हाथ
Jok (जोक) = पैर
इस प्रकार, Sujok का शाब्दिक अर्थ है “हाथ और पैर के माध्यम से उपचार”।
डॉ. पार्क जे वू के अनुसार, मानव शरीर का पूरा नक्शा हमारे हाथों और पैरों पर मौजूद होता है। उन्होंने देखा कि हाथ-पैर शरीर के समग्र प्रतिबिंब (correspondence system) होते हैं — यानी शरीर के हर अंग का एक बिंदु हाथ और पैर पर स्थित होता है।
Sujok Therapy की संरचना / Structure of Sujok Therapy
Sujok Therapy को कई भागों में बांटा गया है, जिससे यह एक पूर्ण और वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली बनती है:
Correspondence System (समानता प्रणाली):
इस प्रणाली के अनुसार, हाथ-पैर शरीर का लघु स्वरूप हैं। जब किसी बिंदु को उत्तेजित किया जाता है तो उससे संबंधित अंग पर प्रभाव पड़ता है।
2.Six Ki System (छह ऊर्जा तत्त्व):
यह प्रणाली शरीर की ऊर्जा को छह ऊर्जा तत्त्वों (Heat, Cold, Dryness, Humidity, Wind, Neutral) में वर्गीकृत करती है, जिनके असंतुलन से रोग उत्पन्न होते हैं।
3Triorigin Theory (त्रि-उद्गम सिद्धांत):
यह सिद्धांत Universe की तीन मूल शक्तियों (Hetero, Homo, Neuto) पर आधारित है। यह Sujok का सबसे उच्च स्तर है और भावनात्मक/मानसिक/आध्यात्मिक उपचार से जुड़ा है।
4Byol Meridian System (ब्योल मेरिडियन प्रणाली):
हाथों और पैरों में सूक्ष्म मेरिडियन होते हैं जिनसे ऊर्जा बहती है। इन बायोल मेरिडियन पर सुई, बीज, रंग या चुंबक का प्रयोग कर इलाज किया जाता है।
Sujok को क्यों समझें?
यह शरीर की प्राकृतिक संरचना को समझने का विज्ञान है।
इसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।
यह उपचार के साथ-साथ रोकथाम में भी सहायक है।
